हरिद्वार। विद्यालय में शैक्षिक माहौल और सुदृढ़ करने तथा व्यवस्था के सुधार के लिए जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा अमित कुमार चंद का विद्यालयों में निरीक्षण लगातार जारी है। एक बार फिर बुधवार को उन्होंने दो विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा और शिक्षा एवं सुविधाओं को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए। साथ ही बच्चों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया।

बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा अमित कुमार चंद ने बहादराबाद खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नं. 34 व नं. 41 का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। उन्होंने मध्याह्न भोजन की व्यवस्था को देखा। इसके साथ ही कक्षाओं व विद्यालय परिसर की सफाई व्यवस्था को भी देखा और संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों से संवाद किया तथा सवाल-जवाब किए। उन्होंने बच्चों को भविष्य में आगे बढ़ने, परिजनों, विद्यालय एवं प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। बच्चों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया। साथ ही शिक्षकों को प्रतियोगिता के लिए बच्चों को तैयार कराने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा अमित कुमार चंद ने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए यह निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
जनपद में शिक्षा व्यवस्था सुधार की मुहिम तेज, डीईओ अमित चंद ने तीन सप्ताह में 29 विद्यालयों का किया निरीक्षण
हरिद्वार। जनपद में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) अमित कुमार चंद ने कार्यभार संभालते ही सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। महज तीन सप्ताह के भीतर उन्होंने 29 विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, छात्रों की उपस्थिति, मिड-डे मील व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर उन्होंने कुछ ऐसे भवनों को भी चिन्हित किया जो अवस्था में हैं या जिनमें सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने करीब 14 विद्यालय भवन को अभी तक चिन्हित कर लिया है। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा अमित कुमार चंद ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी विद्यालय में जोखिमपूर्ण स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षित भवन और बेहतर संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान शिक्षकों को भी निर्देशित किया जा रहा है कि शिक्षण गुणवत्ता में निरंतर सुधार, नियमित कक्षाओं का संचालन और विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही विद्यालयों में स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग की इस सक्रिय पहल से अभिभावकों और आमजन में सकारात्मक संदेश गया है कि जनपद में शिक्षा को नई दिशा देने की ठोस शुरुआत हो चुकी है।
