हरिद्वार। स्वामी नागेंद्र महाराज ने कहा है कि कुछ संतों द्वारा अखाड़ा परिषद के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए फर्जी बताया जा रहा है। ऐसे में प्रयागराज कुंभ मेले में श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के मुखिया महंत दुर्गादास के लिखित निवेदन पर अखाड़ा परिषद द्वारा अखाडे की एक पंगत के महंत रघु मुनि महाराज, अग्रदास महाराज और दामोदर दास महाराज को हटाने का प्रस्ताव भी निरस्त होने योग्य है और तीनों संतों की अखाड़े में वापसी होनी चाहिए। स्वामी नागेंद्र महाराज ने कहा कि श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के पंच इस पर विचार करें और तीनों संतों को सम्मानजनक तरीके से अखाड़े में वापस लें। साथ ही अखाड़ा परिषद के संबंध में अनर्गल प्रचार कर रहे संतों को अखाड़े से बाहर करें। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहत रविंद्रपुरी और महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने महंत रघु मुनि के प्रस्ताव पर लिए गए अखाड़ा परिषद के निर्णय से कुंभ मेला प्रशासन को अवगत कराया। जिसके बाद प्रशासन ने तीनों संतों को मेले से बाहर कर दिया था। अब अखाड़ा परिषद अध्यक्ष और महामंत्री को भी अपना प्रस्ताव पास लेकर तीनों संतों की अखाड़े मंे वापसी करानी
स्वामी नागेंद्र महाराज ने कहा कि अखाड़ों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने और कुंभ मेले जैसे तमाम धार्मिक आयोजन करने वाली अखाड़ा परिषद संतों की सर्वमान्य संस्था है। लेकिन कुछ संत संस्था के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर रहे हंैं, जोकि अनुचित है। अखाड़ा परिषद का अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं है। यदि कोई मतभेद हैं तो संतों को मिल बैठकर उन्हंे सुलझाना चाहिए। सार्वजनिक रूप से बयानबाजी को किसी भी तरह से उचित नहीं हठराया जा सकता है।
