हरिद्वार।ज्वालापुर पुलिस ने एक बार फिर मानवीय संवेदना और आधुनिक तकनीक के तालमेल का शानदार उदाहरण पेश किया है। पुलिस ने सोशल मीडिया का त्वरित और प्रभावी इस्तेमाल करते हुए मात्र चंद घंटों के भीतर एक 5 वर्षीय बिछड़ी बच्ची को उसके परिजनों से मिला दिया, जिसके बाद परिवार ने राहत की साँस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया।
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि रविवार को रुड़की के शेखपुरी, थाना गंगनहर के रहने वाले साहिल का परिवार किसी रिश्तेदारी में ज्वालापुर आया हुआ था। 5 वर्षीय बच्ची अनाया खेलते-खेलते परिजनों से बिछड़ गई। परिजन बाज़ार और आस-पास के क्षेत्रों में बच्ची की तलाश करते रहे, लेकिन जब बच्ची नहीं मिली तो उनकी चिंता बढ़ती गई।इसी बीच एक राहगीर बच्ची को लेकर कोतवाली ज्वालापुर पहुँचा। मासूम बच्ची भयभीत थी और सिर्फ अपना व अपने पिता का नाम बता पा रही थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए, कोतवाली ज्वालापुर की महिला हेल्प डेस्क टीम तत्काल सक्रिय हो गई। म0का0 रीता रावत और म0का0 पूनम सोरियाल ने बिना समय गंवाए बच्ची की फोटो और संक्षिप्त विवरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अन्य संचार माध्यमों पर व्यापक रूप से प्रसारित कर दिया।पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई रंग लाई। सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी बच्ची के परिजनों तक पहुँच गई। सूचना मिलते ही परिजन तुरंत कोतवाली ज्वालापुर पहुँचे। अपनी बेटी को सकुशल देखकर उनकी आँखों में आँसू छलक आए।परिजनों ने पुलिस को बताया कि वे काफी देर से बाज़ार में बच्ची को तलाश रहे थे और बेहद परेशान थे। ज्वालापुर पुलिस की इस संवेदनशीलता और सोशल मीडिया के सही व त्वरित उपयोग की उन्होंने दिल खोलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की सक्रियता से ही उनकी बेटी चंद घंटों में उन्हें वापस मिल पाई।
