हरिद्वार। पतंगबाजी के मौसम में प्रतिबंधों को धता बताते हुए प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। बुधवार को उत्तर हरिद्वार के मोतीचूर फ्लाईओवर पर एक बाइक सवार युवक इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। मांझा सीधे युवक की गर्दन में फंसा, जिससे गहरा घाव हो गया। इस ताजा घटना ने बाजारों में जानलेवा मांझे की खुलेआम उपलब्धता और पुलिस-प्रशासन की निष्क्रियता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।घायल युवक की पहचान हरिद्वार निवासी करन शर्मा के रूप में हुई है, जिन्हें तत्काल प्रेम हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी गर्दन पर कई टांके लगाए हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फ्लाईओवर से गुजरते समय अचानक मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया। मांझे की तेज धार से खून बहने लगा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
केवल औपचारिक कार्रवाई?
स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि हर साल पतंगबाजी के दौरान इस ‘किलर मांझे’ से लोग घायल होते हैं या अपनी जान गंवाते हैं। पिछले वर्ष भी इसी तरह की घटना में एक युवक की मौत हो गई थी। इसके बावजूद, प्रतिबंध केवल कागज़ों तक सीमित है।एक स्थानीय निवासी ने कहा, हादसे होने के बाद कुछ दिनों के लिए पुलिस खानापूर्ति करती है।लेकिन मांझे की अवैध बिक्री पर कोई स्थायी और सख्त कार्रवाई नहीं की जाती। यह प्रशासन की शर्मनाक लापरवाही है, जिसकी कीमत आम नागरिक अपनी जान जोखिम में डालकर चुका रहे हैं।इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस और नगर निगम की उदासीनता के कारण आमजन की सड़क सुरक्षा गंभीर खतरे में है।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि चाइनीज मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।बाजारों में नियमित और कड़ी छापेमारी की जाए।पतंगबाजी के शौकीनों को भी जागरूक किया जाए कि वे प्रतिबंधित मांझे का प्रयोग न करें।यदि समय रहते इस जानलेवा कारोबार पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो आने वाले दिनों में और भी गंभीर दुर्घटनाएं होने की आशंका है।
