हमज़ा राव।
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार अपने पौराणिक और धार्मिक महत्व के लिए जानी जाती है, लेकिन इसकी एक पहचान ओर है। जो है दोनों समुदाय के बीच का सांप्रदायिक सद्भाव और समन्वय। इसी को ऊपर रखते हुए उपनगरी ज्वालापुर के नौशाद अली ने गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल पेश करते हुए एक बेसहारा हिन्दू महिला का अंतिम संस्कार पुरे रीती रिवाज़ के साथ किया। इस दौरान नौशाद के साथी भी मौजूद रहे। नौशाद ने अपने साथियों के साथ मृतका के शव को कंधा देकर मोक्षधाम तक पहुंचाया।

जानकारी के अनुसार बीते सोमवार को ज्वालापुर क्षेत्र स्थित रेलवे स्टेशन के पास रहने वाली 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला शोभा की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। मृतक महिला बेसहारा थी, उसका अंतिम संस्कार करने के लिए कोई स्वजन मौजूद नहीं था। जिस कारण उनका अंतिम संस्कार कौन करें यह सबसे बड़ी परेशानी सामने खड़ी हो गई थी।

ऐसे में समाजसेवा में जुटे नौशाद अली ने महिला का अंतिम संस्कार किया। उन्होंने न सिर्फ बुजुर्ग महिला की अर्थी को कंधा दिया, बल्कि हिंदू रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार भी किया। महिला के पति की कुछ वर्ष पहले मौत हो चुकी थी। महिला काफ़ी समय से बीमार थी। बीमारी के दौरान भी नौशाद समय-समय पर उनकी मदद करते थे। उनके इस कार्य के प्रशंसा पुरे धर्मनगरी में है।

वहीं, नौशाद अली ने कहा कि धर्म से ऊपर इंसानियत है। हर व्यक्ति को इंसानियत के कामों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। वह बिना किसी के धर्म को देखे पिछले काफ़ी समय से बेसहारा व्यक्तियों को अंतिम संस्कार व कफ़न-दफन का कार्य कर रहे है।
