हरिद्वार। चेक बाउंस के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट रोहित जोशी ने आरोपी को दोषी पाते हुए तीन महीने की कैद व दो लाख पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। श्रीनाथ नगर पश्चिमी उत्तर ज्वालापुर निवासी उमेंद्र सिंह ने अपनी जान पहचान के चलते ललित कुमार पुत्र बीरबल सिंह निवासी शिवालिक नगर भेल रानीपुर को उसकी जरूरत के लिए छह लाख रुपये नगद उधार दिए थे। समय अवधि दो वर्ष बीतने के बाद शिकायतकर्ता ने अपने उधार दिए गए रुपए की मांग की तो आरोपी ने उमेन्द्र सिंह को दो लाख का एक चेक अपने बैंक का भरकर हस्ताक्षर कर दिया था। शेष राशि अदा करने के लिए चार लाख रुपये का एक चेक अपनी पत्नी के बैंक खाते का दिया था। उक्त चेक देते हुए कहा था कि कुछ समय बाद चेक अपने बैंक खाते में प्रस्तुत करना।जब उमेन्द्र सिंह ने दो लाख रुपये के चेक अपने बैंक में भुगतान हेतु प्रस्तुत किया तो वह चेक बिना भुगतान के बाउंस हो कर वापस हो गया था।इसके बाद उमेन्द्र सिंह ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एक नोटिस आरोपी को भेजा था। नोटिस प्राप्त होने के बाद भी बावजूद भी आरोपी ने परिवादी की धनराशि वापस नहीं की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए दंडित किया है। न्यायालय ने ढाई लाख रुपए में से 5000 रुपए सरकारी खजाने में तथा शेष धनराशि 245000 बतौर प्रतिकर परिवादी को देने की आदेश दिए हैं।
