बद्रीनाथ/देहरादून। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा संचालन को पूरी तरह सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में SDRF सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी ने शुक्रवार को स्वयं बद्रीनाथ धाम पहुंचकर ग्राउंड जीरो पर सुरक्षा व्यवस्थाओं, रेस्क्यू तैयारियों और यात्रा संचालन का विस्तृत निरीक्षण किया।

दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों, भारी भीड़ और चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच सेनानायक अर्पण यदुवंशी का लगातार धामों में पहुंचकर स्वयं व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करना SDRF की कार्यशैली और प्रतिबद्धता को मजबूती से दर्शाता है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंदिर परिसर, यात्रा मार्गों, पार्किंग स्थलों, भीड़ नियंत्रण प्वाइंट्स एवं संवेदनशील क्षेत्रों का बारीकी से जायजा लिया और मौके पर तैनात अधिकारियों एवं जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सेनानायक ने ड्यूटी पर तैनात SDRF जवानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं एवं आवश्यकताएं सुनीं। जवानों द्वारा रखी गई व्यवस्थागत जरूरतों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देशित किया गया। साथ ही उन्होंने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी श्रद्धालुओं की सेवा और सुरक्षा के लिए उनकी प्रतिबद्धता अत्यंत सराहनीय है।

निरीक्षण के दौरान ITBP एवं जिला पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें यात्रा को और अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सेनानायक ने कहा कि चारधाम यात्रा जैसे विशाल आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले SDRF कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि SDRF के जवान सीमित संसाधनों और विषम परिस्थितियों में भी जिस समर्पण और तत्परता के साथ सेवा दे रहे हैं, वह पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को ही श्री हेमकुंड साहिब के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। यात्रा की संवेदनशीलता को देखते हुए SDRF द्वारा घांघरिया और हेमकुंड क्षेत्र में विशेष रेस्क्यू एवं सहायता टीमें तैनात की गई हैं, जो यात्रा अवधि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सहायता एवं आपदा प्रबंधन कार्यों के लिए 24 घंटे मुस्तैद रहेंगी। गौरतलब है कि एक दिन पूर्व भी सेनानायक अर्पण यदुवंशी स्वयं सोनप्रयाग से पैदल मार्ग के जरिए केदारनाथ धाम पहुंचे थे, जहां उन्होंने पैदल यात्रा मार्ग, सुरक्षा इंतजामों और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया था। लगातार ग्राउंड स्तर पर उनकी सक्रिय मौजूदगी से SDRF जवानों का मनोबल भी बढ़ा है।

सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने कहा कि चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, त्वरित सहायता और प्रभावी आपदा प्रबंधन SDRF की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए SDRF पूरी प्रतिबद्धता एवं सतर्कता के साथ निरंतर कार्य कर रहा है।
