दिलशाद अंसारी ।पथरी क्षेत्र में पिछले चार दिनों से छाए घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार रोक दी है। हाड़ कंपाने वाली ठंड और सुबह-शाम गिर रहे कोहरे का सबसे बुरा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। गुरुवार को भी स्थिति वैसी ही बनी रही, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी गईं।क्षेत्र के किसान पवन सैनी, दीपक, सुनील और रहमान सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इन दिनों चीनी मिलों से गन्ने की पर्चियां मिल रही हैं। ऐसे में गन्ने की छिलाई का काम तेजी से होना जरूरी है, लेकिन कोहरे के कारण मजदूर सुबह खेतों में काम नहीं कर पा रहे हैं। ठंड अधिक होने की वजह से काम की गति धीमी है, जिससे किसान समय पर अपनी पर्चियां नहीं भर पा रहे हैं। मजबूरी में किसानों को अतिरिक्त मजदूर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है।कोहरे का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि कोल्हू उद्योग भी इसकी चपेट में है। कोल्हू स्वामी सराफत शाह ने बताया कि कोहरा बरसात की तरह गिर रहा है, जिससे गन्ने की खोई और अन्य ईधन गीला हो गया है। सूखा ईधन न मिलने के कारण गन्ने के रस की पकाई नहीं हो पा रही है, जिससे पेराई का काम प्रभावित हो रहा है।सहायक कृषि अधिकारी साहब राज राम के अनुसार, लगातार गिर रहा कोहरा आलू की फसल के लिए बेहद नुकसानदायक है। इससे आलू में रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है। कोहरे के कारण न केवल गन्ने की छिलाई प्रभावित हुई है, बल्कि आने वाले दिनों में कृषि उत्पादन पर भी इसका असर दिख सकता है।
