हरिद्वार। पहले इमाम हज़रत मोला अली अलैहिस्सलाम की यौमे विलादत बड़े ही धूमधाम के साथ मनाई गई। उनके चाहने वालों ने जगह-जगह मिठाई बांटी और सभी को मुबारकबाद पेश की। हज़रत अली पैदाइश इस्लामिक कैलेंडर की तारीख 13 रजब को हुई थी। इसी के चलत हर साल इस तारीख को जश्न के रूप में मनाया जाता है।

बीते शुक्रवार को इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार 13 रजब को हज़रत इमाम अली अलैहिस्सलाम की यौमे विलादत ज्वालापुर के अहबाबनगर स्थित कूबा मस्जिद में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर फहीम खान ने मिठाई बांटी और लोगों को मुबारकबाद दी। फहीम ने कहा कि हजरत अली पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दामाद, हजरत सैयदा फातिमा के शौहर (पति) और हजरत इमाम हसन व इमाम हुसैन के पिता हैं। उन्होंने कहा कि हजरत अली इल्म और विलायत के मरकज हैं। हजरत अली की जिंदगी कुरआन-ए-पाक की अमली तफसीर है। आपकी बहादुरी, इबादत, तकवा और रियाजत बेमिसाल है।
