हरिद्वार। चारधाम यात्रा और बढ़ते यातायात दबाव के बीच परिवहन विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर शुक्रवार को रेलवे स्टेशन, वाल्मीकि चौक, कर्नाटक भवन और आसपास के क्षेत्रों में चलाए गए विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान 17 वाहनों को सीज कर दिया गया, जबकि 30 वाहनों के चालान किए गए।

अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा और एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने किया। परिवहन कर अधिकारी रविंद्र पाल सैनी समेत विभागीय प्रवर्तन दल ने सार्वजनिक परिवहन वाहनों, ऑटो-रिक्शा, विक्रम और ई-रिक्शाओं की सघन जांच की।

जांच के दौरान कई वाहनों में फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध परमिट, बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की कमी पाई गई। गंभीर अनियमितताओं के चलते सात ऑटो और विक्रम वाहनों को सीज कर दिया गया। वहीं विशेष अभियान के तहत जांचे गए ई-रिक्शाओं में नियमों के उल्लंघन मिलने पर 10 ई-रिक्शा भी सीज किए गए।

अभियान के दौरान अधिकारियों ने वाहन चालकों और स्वामियों को सड़क सुरक्षा तथा परिवहन नियमों के पालन के प्रति जागरूक भी किया। एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना फिटनेस, परमिट या अन्य आवश्यक दस्तावेजों के वाहन संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा और जनहित से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों और चालकों से अपने वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र समेत सभी दस्तावेज अद्यतन रखने की अपील की है। विभाग का कहना है कि जनपद में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए औचक प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
