हरिद्वार। हाल ही में अधिशासी अभियंता ज्वालापुर द्वारा एक एसएसओ को शिकायतों के बाद जट्टवाड़ा पुल स्थित बिजली घर से शिवालिक नगर बिजली घर ट्रांसफर किया गया था। एसएसओ के खिलाफ एक लाइनमैंन व निर्दलीय महिला पार्षद ने शिकायत की थी। लेकिन मामला अब दोबारा विवादों में घिरता नज़र आ रहा है। एसएसओ द्वारा बल के सहारे अपनी तैनाती उसी स्थान पर करा ली गई है जहां, लाइनमैंन तैनात है। जिसके बाद से व्यवस्था फिर से बिगड़ती नज़र आ रही है।

गौरतलब है कि बीते कुछ समय पहले एक निर्दलीय महिला पार्षद ने जटवाड़ापुल बिजली घर पर तैनात एसएसओ अलोक कोठारी के द्वारा उनके प्रतिनिधि के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगते हुए अधिशासी अभियंता ज्वालापुर को शिकायत की गई थी। वहीं इससे पूर्व एक लाइनमैन द्वारा भी शटडाउन के दौरान लाइन चालू करने के मामले में जान के खतरे की आशंका जताते हुए एसडीओ को शिकायत की गई थी। दोनों ही मामलों का संज्ञान लेते हुए अधिशासी अभियंता रवि कुमार द्वारा मामले की जांच एसडीओ प्रथम शिल्पी सैनी को सौंपी गई। एसडीओ द्वारा जांच में दोनों मामलों में एसएसओ अलोक कोठारी को दोषी मानते हुए जांच रिपोर्ट अधिशासी अभियंता को भेज दी गई। जिसके बाद बीते पांच दिसम्बर को अधिशासी अभियंता द्वारा एसएसओ आलोक कोठारी का ट्रांसफर शिवालिक नगर बिजली घर कर दिया गया और वहां तैनात एसएसओ पंकज कुमार को जटवाड़ा पुल तैनात कर दिया गया। लेकिन मामला फिर से ज़ब विवादों में आ गया ज़ब एसडीओ (द्वितीय) द्वारा एसएसओ को ट्रांसफर किए गए तैनातीस्थल की जगह उसी बिजली घर पर तैनात कर दिया गया जहां शिकायतकर्ता/लाइनमैन तैनात है। अब एक बार फिर लाइनमैन को काम करते हुए अपनी जान का भय सताने लगा है। वहीं, विभागीय अधिकारियों की लापरवाही व कर्मचारियों के बिच व्यवस्था न बना पाने को लेकर तमाम सवाल खडे हो रहे है। आखिर एसडीओ की ऐसी क्या मज़बूरी रही होगी की अधिशासी अभियंता के आदेशों को न मानते हुए एसएसओ को वही तैनाती दी गई जहां शिकायतकर्ता/लाइनमैन तैनात है?
