हरिद्वार। हरिद्वार से लक्सर मार्ग पर इन दिनों ओवरलोडेड, अनफिट और नियमों के विरुद्ध दौड़ रहे ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली आम जनता के लिए काल साबित हो रहे हैं। बेखौफ दौड़ रहे इन भारी वाहनों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।क्षेत्र में स्थित सीमेंट फैक्ट्रियों की मनमानी इस कदर बढ़ गई है कि वे व्यावसायिक काम के लिए उन ट्रैक्टरों का इस्तेमाल कर रही हैं, जो केवल खेती के लिए मान्य हैं। इससे न केवल सड़क पर खतरा बढ़ रहा है, बल्कि शासन को मिलने वाले राजस्व को भी लाखों का चूना लगाया जा रहा है। लक्सर उप जिलाधिकारी एसडीएम ने आदेश जारी किए थे कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सुबह और छुट्टी के समय भारी वाहन नहीं चलेंगे, लेकिन ये ट्रक बेरोकटोक सड़कों पर दौड़ रहे हैं।हैरानी की बात यह है कि जब एक शिकायतकर्ता ने सीएम हेल्पलाइन पर इस समस्या की शिकायत दर्ज कराई, तो समाधान के बजाय उन्हें अजीब जवाब मिला। शिकायतकर्ता के पास विभाग की ओर से फोन आया कि वे खुद ओवरलोडेड गाड़ियों के नंबर नोट करके भेजें। इस पर जनता ने सवाल उठाया है कि यदि गाड़ियों की चेकिंग और नंबर पकड़ने का काम भी आम आदमी को ही करना है, तो परिवहन विभाग के अधिकारी किस बात का वेतन ले रहे हैं?सचल दल गोवर्धनपुर को यह शिकायत भेजी गई है, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन ‘मौत के सौदागर’ वाहनों पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनता आंदोलन के लिए मजबूर होगी।
