हल्द्वानी। देवभूमि को ड्रग्स मुक्त बनाने के अभियान के तहत रविवार को हजारों युवाओं का हुजूम सड़कों पर उतरा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एमबी इंटर कॉलेज मैदान से ‘रन फॉर अवेयरनेस’ रैली का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह दौड़ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश को नशे की जकड़ से बाहर निकालने का एक बड़ा संकल्प है।

जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा एक ‘साइलेंट वार’ की तरह हमारी युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा है। अक्सर युवा अनजाने में इसकी चपेट में आ जाते हैं, जिससे पूरे परिवार की खुशियाँ तबाह हो जाती हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जीवन को ‘हाँ’ और नशे को ‘ना’ कहें। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सभी को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार वर्ष 2025 तक ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखंड’ के लक्ष्य पर काम कर रही है। सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा:एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स: इसके गठन के बाद से अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ पकड़े गए हैं।उपचार की सुविधा: सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।दगड़िया क्लब: युवाओं को जागरूक करने के लिए जमीनी स्तर पर क्लब बनाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ यह जंग केवल कानून बनाने से नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता से जीती जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा को बचाए रखने के लिए युवाओं का सही दिशा में आगे बढ़ना अनिवार्य है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



