हरिद्वार। कोतवाली नगर क्षेत्र में राजाजी नेशनल पार्क में मिले लावारिस शव के सनसनीखेज हत्याकांड का हरिद्वार पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने नशे और पैसों के लालच में एक अज्ञात व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी थी।
14 अप्रैल 2026 को वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में एक व्यक्ति के घायल अवस्था में पड़े होने की सूचना पुलिस को दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नहीं हो पाने पर पुलिस ने स्वयं वादी बनकर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने तत्काल शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए। उनके नेतृत्व में पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के गंगा घाटों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और अन्य स्थानों पर गहन पूछताछ की। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल सर्विलांस का भी सहारा लिया गया। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी नशे के आदी हैं और मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते, जिससे पुलिस के लिए चुनौती और बढ़ गई। इसके बावजूद पुलिस टीम ने सटीक रणनीति अपनाते हुए संदिग्धों की पहचान कर ली।

शुक्रवार को शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में गश्त एवं आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस टीम को हिल बाईपास फ्लाईओवर के पास दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों भागने लगे, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें घेरकर पकड़ लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने हत्या की वारदात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि 13 अप्रैल की रात शराब और गांजे के नशे में वे हरकी पैड़ी क्षेत्र में सो गए थे। अगले दिन मोतीचूर तिराहे के पास उन्होंने एक बाबा से बीड़ी मांगी। इसी दौरान बाबा के पास पैसे देखकर उनका लालच बढ़ गया। पैसे मांगने पर बाबा ने गाली देकर मना किया, जिससे गुस्से और लालच में आकर दोनों ने उसे सुनसान जगह पर ले जाकर पत्थरों से सिर कुचलकर हत्या कर दी और पैसे लेकर फरार हो गए।

पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार उर्फ चिकना (इटावा) और रोहित कुमार (पटना) को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि दोनों को अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, जिसकी पहचान के प्रयास जारी हैं।
इस पूरे मामले में एसएसपी नवनीत सिंह के सख्त और प्रभावी नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस की त्वरित एवं पेशेवर कार्यशैली एक बार फिर सामने आई है। बेहद कम समय में जटिल केस का खुलासा कर पुलिस ने यह साबित कर दिया कि अपराधियों के लिए हरिद्वार में कोई जगह नहीं है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है।
पुलिस टीम:-
1- प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा
2- व.उनि. गोपाल दत्त भट्ट
3- उनि. नवीन नेगी
4-उनि. संजीत कण्डारी
5-उनि. विक्रम बिष्ट
6-उनि. प्रदीप कुमार
7-है.का. सतीश नोटियाल
8-है.का. सतेंद्र कुमार
9-है.का. संजीव राणा
10-का. सुनील चौहान
11-का. रमेश चौहान
12-का. वसीम (C I U)




