हरिद्वार। कृषि उत्पादन मंडी समिति हरिद्वार में फुटकर व्यापारियों द्वारा मनमाने दाम वसूले जाने और लाइसेंसिंग व्यवस्था में लापरवाही पर अब मंडी प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। मंडी सचिव लवकेश गिरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मूल्य नियंत्रण और व्यापारियों के लाइसेंस सत्यापन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।
मंडी सचिव लवकेश गिरी ने कहा कि मंडी परिषद के निर्देशानुसार आम उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर फल-सब्जी उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके तहत मंडी परिसर में पांच फुटकर काउंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां थोक दरों पर न्यूनतम मुनाफा जोड़कर ही खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि मंडी क्षेत्र में फल-सब्जी और खाद्यान्न का फुटकर व्यापार करने वाले सभी व्यापारी चाहे वे रेहड़ी, ठेली या दुकान संचालक हों, उनके लाइसेंस की सघन जांच की जाए। बिना लाइसेंस पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उनका लाइसेंस जारी कराया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि फुटकर मूल्य थोक दरों के अनुरूप ही हों, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी व्यापारियों को अपनी दुकानों और ठेलों पर प्रतिदिन मूल्य सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। मंडी प्रशासन का मानना है कि इस कदम से उपभोक्ताओं को बढ़ती महंगाई के बीच राहत मिलेगी और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा। व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मंडी स्तर पर तीन सचल दल गठित किए गए हैं, जो प्रतिदिन क्षेत्र में निरीक्षण करेंगे और अपनी रिपोर्ट मंडी सचिव को सौंपेंगे। बैठक में मंडी इंस्पेक्टर वर्षा गुप्ता, शिवमूर्ति सिंह, जितेंद्र कुमार, मनोज कुमार, अजय कुमार, राजीव कुमार, आशीष कुमार, दीपक कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।




