हरिद्वार। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति का मोबाइल फोन हैक कर साइबर ठग ने उनके नाम पर विश्वविद्यालय के एक आचार्य से 58 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठग ने खुद को कुलपति बताते हुए यूपीआई काम नहीं करने का बहाना बनाया और तत्काल रुपये भेजने की मांग की। भरोसे में आए आचार्य ने दो बार में साइबर ठग के खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में कुलपति से संपर्क करने और राजभवन से मिली जानकारी के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर ठगी की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, बदरीनाथ धाम, जोशीमठ निवासी और वर्तमान में गंगा विहार कॉलोनी, हरिद्वार में रह रहे पुरुषोत्तम आचार्य ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 18 जुलाई को उनके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पांडेय बताते हुए कहा कि उनका यूपीआई काम नहीं कर रहा है और उन्हें तत्काल 48 हजार रुपये की जरूरत है। कुलपति का नाम सुनकर आचार्य को भरोसा हो गया और उन्होंने बताए गए मोबाइल नंबर पर 48 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ देर बाद ठग ने दोबारा 42 हजार रुपये की मांग की। आचार्य ने रुपये कम होने की बात कही तो ठग ने 10 हजार रुपये भेजने को कहा। इस पर उन्होंने दोबारा 10 हजार रुपये उसी नंबर पर ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आचार्य ने जब वास्तविक कुलपति से संपर्क किया तो पता चला कि वह एक बैठक में मौजूद हैं और उन्होंने किसी से भी रुपये नहीं मांगे हैं। इसी दौरान राजभवन से जानकारी मिली कि कुलपति का मोबाइल फोन हैक कर साइबर ठग उनके नाम और पहचान का इस्तेमाल कर लोगों से रुपये मांग रहा है। इसके बाद आचार्य को अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला। वहीं, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साइबर ठग के मोबाइल नंबर, बैंक खाते और ट्रांजेक्शन डिटेल के आधार पर जांच की जा रही है।

