टिहरी। जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के पूर्व अध्यक्ष राकेश राणा ने जनपद की ज्वलंत समस्याओं को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में टिहरी के प्रमुख मुद्दों पर मुख्यमंत्री की चुप्पी क्षेत्र की जनता के लिए निराशाजनक है।
राकेश राणा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कोटी कॉलोनी में आयोजित टिहरी लेक फेस्टिवल में भाग लेने पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। हालांकि अपने संबोधन में उन्होंने जनपद से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई स्पष्ट चर्चा या ठोस आश्वासन नहीं दिया, जिससे लोगों में निराशा है। उन्होंने कहा कि टिहरी जनपद कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। टिहरी मेडिकल कॉलेज की स्थापना का मामला वर्षों से लंबित है, जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा खतरे में है, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में गर्भवती महिलाएं अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ रही हैं और युवाओं के सामने रोजगार के अवसरों की कमी के कारण क्षेत्र से लगातार पलायन बढ़ रहा है। राणा ने कहा कि टिहरी बांध से प्रभावित और विस्थापित हजारों परिवार आज भी अपने अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हनुमंता राव समिति की सिफारिशों के अनुसार प्रभावितों को बिजली और पानी रियायती दरों पर उपलब्ध कराने का मुद्दा भी लंबे समय से लंबित है, जिस पर भी मुख्यमंत्री के संबोधन में कोई स्पष्टता नहीं दिखी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए केवल उत्सव और मंचीय भाषण पर्याप्त नहीं हैं। सरकार को इन ज्वलंत मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना बनानी चाहिए। टिहरी की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर विकास और न्याय चाहती है।
