देहरादून। उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, बाजपुर शाखा में करोड़ों रुपये के केसीसी/फसल ऋण घोटाले से जुड़े दो मामलों में सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। दोनों मामलों में कुल 20 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई है। इनमें तत्कालीन शाखा प्रबंधक आर.ए.एस. दिनकर मुख्य आरोपी हैं।

पहला मामला…
इस मामले में अदालत ने 9 आरोपियों को दोषी ठहराया। दोषियों में आर.ए.एस. दिनकर, मनजीत सिंह, रमेश सिंह, प्रीतम सिंह, सर्वजीत सिंह, भीम सेन, कृष्ण कुमार, सरजीत सिंह और मनजीत सिंह शामिल हैं। मामले में आरोप था कि वर्ष 2014-15 के दौरान अपात्र लोगों को केसीसी /फसल ऋण स्वीकृत कर धन का दुरुपयोग किया गया, जिससे बैंक को करीब 3.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। अदालत ने मुख्य आरोपी आर.ए.एस. दिनकर को 4 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं अन्य 8 आरोपियों को 1-1 साल के कठोर कारावास और 30-30 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया।

दूसरा मामला…
इस केस में 11 आरोपियों को दोषी ठहराया गया। इनमें आर.ए.एस. दिनकर, दीदार सिंह, सतनाम सिंह, विनोद सिंह, इंदर प्रकाश सिंह, दीवान सिंह, मंगल सिंह, देवेंद्र सिंह, राजवंत सिंह, शेर सिंह और जगीर सिंह शामिल हैं। जांच में सामने आया कि वर्ष 2014-15 में करीब 2.85 करोड़ रुपये के फर्जी केसीसी ऋण वितरित किए गए और कुल 4.18 करोड़ रुपये के नुकसान का मामला सामने आया। इस मामले में भी अदालत ने आर.ए.एस. दिनकर को 4 साल की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया, जबकि अन्य 10 आरोपियों को 1-1 साल की सजा और 30-30 हजार रुपये जुर्माना सुनाया गया।
दोनों मामलों की जांच सीबीआई, ऐसीबी देहरादून द्वारा की गई और मुकदमे की पैरवी वरिष्ठ लोक अभियोजक अमरेंद्र सिंह ने की। सीबीआई ने आम लोगों से अपील की है कि यदि केंद्र सरकार के विभागों या सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी रिश्वत मांगते हैं, तो इसकी सूचना तुरंत सीबीआई को दें।




