देहरादून। सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में प्रशिक्षणरत 78वें आरआर बैच के 86 आईपीएस (परिवीक्षाधीन) अधिकारियों ने शनिवार को अपनी शैक्षणिक यात्रा के तहत राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) बटालियन, जॉली ग्रांट का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने आपदा प्रबंधन की जमीनी हकीकतों को करीब से समझा और बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

एसवीपीएनपीए के उपनिदेशक चैतन्य सिरिपोलु के नेतृत्व में पहुंचे दल का यह कार्यक्रम पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। दौरे का उद्देश्य सैद्धांतिक ज्ञान और पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की वास्तविक चुनौतियों के बीच तालमेल स्थापित करना था।

एसडीआरएफ के कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने प्रशिक्षुओं को इकाई के ऑपरेशनल फ्रेमवर्क से अवगत कराते हुए बताया कि उत्तराखंड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य में सफलता विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि त्वरित सूचना आदान-प्रदान और संसाधनों की समय पर तैनाती जीवन रक्षक अभियानों के मूल स्तंभ हैं।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को सिल्क्यारा सुरंग, धराली और रेणी जैसे क्षेत्रों में चलाए गए जटिल रेस्क्यू अभियानों के केस स्टडी से भी अवगत कराया गया। इसमें दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, प्रतिकूल मौसम और संचार व्यवस्था में बाधाओं जैसी चुनौतियों पर विशेष जोर दिया गया।

एसडीआरएफ टीम ने आधुनिक बचाव उपकरणों का प्रदर्शन कर उनके उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी। साथ ही प्रशिक्षुओं को उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था से जुड़ी रणनीतियों से भी परिचित कराया गया। कार्यक्रम में डिप्टी कमांडेंट शुभंक रतूड़ी, असिस्टेंट कमांडेंट सुशील रावत तथा प्रशिक्षण प्रभारी प्रमोद रावत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

दौरे के अंत में आईपीएस प्रशिक्षुओं ने एसडीआरएफ के अनुशासन और पेशेवर दक्षता की सराहना की। उनके लिए यह अनुभव प्रशिक्षण का एक अहम पड़ाव साबित हुआ, जिसने उन्हें भविष्य में आपदा प्रबंधन की चुनौतियों के लिए और अधिक तैयार किया।
