हरिद्वार। नगर कोतवाली पुलिस ने नकली नोटों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो और आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकली नोट, प्रिंटर और एक कार बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।

एसपी सिटी कार्यालय में रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर की लीडरशिप में नगर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करते हुए पंजाब से गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1.10 लाख रुपये के नकली नोट, नकली नोट छापने में इस्तेमाल किया गया प्रिंटर और एक वरना कार बरामद की गई है। इससे पहले इस मामले में दो पिता-पुत्र समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान मिली अहम जानकारी के आधार पर पुलिस टीम पंजाब पहुंची और गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

नगर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि छह जुलाई को नगर कोतवाली पुलिस ने चार आरोपियों के कब्जे से 84,500 रुपये के नकली नोट बरामद किए थे। इसके बाद गिरफ्तार आरोपियों टिंकू और सुमित को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर पुलिस टीम पंजाब पहुंची, जहां पठानकोट हाईवे स्थित एक ढाबे से पवन कुमार को 5,000 रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया। इसके बाद सुखबीर सिंह को 1 लाख रुपये के नकली नोट, नकली नोट तैयार करने में प्रयुक्त प्रिंटर और एक वरना कार सहित गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में सामने आया कि पवन कुमार ढाबा संचालन और सुखबीर सिंह कपड़ों के कारोबार की आड़ में नकली नोटों का धंधा चला रहे थे। दोनों असली 50 हजार रुपये के बदले एक लाख रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराकर मुनाफा कमाते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों की मुलाकात जेल में हुई थी, जिसके बाद उन्होंने नकली नोटों का नेटवर्क तैयार किया। सुखबीर पहले बैंक फ्रॉड और जाली करेंसी के मामलों में जेल जा चुका है, जबकि पवन एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल जा चुका है।पुलिस आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कुन्दन सिंह राणा, उपनिरीक्षक ऋषिकांत पटवाल, हेड कांस्टेबल संजय पाल, हेड कांस्टेबल सतीश नौटियाल, कांस्टेबल सुनील चौहान तथा कांस्टेबल अजीत तोमर शामिल रहे।
