हरिद्वार। जमीन के सौदे में लाखों रुपये लेने के बावजूद रजिस्ट्री न कराने और बाद में विवादित भूमि पर कब्जा करने के प्रयास का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
श्यामपुर के नौआबाद निवासी अमित कुमार ने न्यायालय में दायर प्रार्थना पत्र में बताया कि वर्ष 2019 में रायवाला निवासी रितिक राज ने कांगड़ी स्थित अपने भूखंड का एक हिस्सा बेचने का प्रस्ताव दिया था। दोनों पक्षों के बीच सात जनवरी 2019 को पंजीकृत विक्रय अनुबंध हुआ, जिसके तहत अमित कुमार ने पांच लाख रुपये बतौर बयाना दिए थे। अनुबंध के अनुसार 15 जून 2019 तक बैनामा होना था, लेकिन आरोप है कि रितिक राज ने विभिन्न कारणों का हवाला देकर रजिस्ट्री टाल दी। बाद में एक लाख रुपये अतिरिक्त लेने के बावजूद विक्रय पत्र निष्पादित नहीं किया गया।
पीड़ित के अनुसार मामला सिविल न्यायालय पहुंचा, जहां 30 जनवरी 2024 को उनके पक्ष में एकपक्षीय आदेश पारित हुआ। आरोप है कि इसके बावजूद 27 अप्रैल 2026 को रितिक राज की मां अर्चना कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचीं और विवाद किया। वहीं चार मई 2026 को रितिक राज, अर्चना, अलकित पाल, विजय पाल और ऋषिराज ने कथित तौर पर मारपीट करते हुए जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवादित भूमि को अधिक क्षेत्रफल दर्शाकर चार मई 2026 को अलकित पाल के नाम रजिस्ट्री करा दी गई, जबकि भूमि को लेकर न्यायालय पहले ही आदेश पारित कर चुका था। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
