सैफ सलमानी।
हरिद्वार। ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ज्वालापुर के अहबाबनगर क्षेत्र में करीब 1.29 लाख रुपये के बिजली बकाये वाले उपभोक्ता के यहां हाल ही में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। प्रकरण की जांच के बीच बुधवार रात ऊर्जा निगम की टीम संबंधित उपभोक्ता के यहां मीटर उतारने और कनेक्शन काटने की कार्रवाई के लिए पहुंच गई। टीम के पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके चलते टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा। मामले की वीडियो भी वायरल हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित उपभोक्ता का पुराना मीटर भी गायब बताया जा रहा है। वहीं, पिछले कई महीनों से बिजली का बिल स्टॉप होने की बात भी सामने आई है। इसके बावज़ूद विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिया गया। इस प्रकरण को लेकर एक व्यक्ति ने ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक और मुख्य अभियंता से शिकायत की थी। शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की जांच जारी बताई जा रही है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले ही संबंधित कनेक्शन पर कार्रवाई के लिए टीम के पहुंचने से पूरे मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। साथ ही यह भी सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर ऐसा क्या कारण रहा कि रात को मीटर उतारने की कार्रवाई करने की जरूरत क्यों पड़ी? फिलहाल, विरोध के बाद टीम के वापस लौटने से कार्रवाई अधूरी रह गई है, जबकि शिकायत और जांच से जुड़े सवाल अब भी कायम हैं। वहीं, इस कार्रवाई के संबंध में अधिशासी अभियंता ज्वालापुर रवि कुमार ने बताया कि यह जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं एसडीओ से जानकारी लेता हूं।
