लापरवाही: अंधेरे की चपेट में राष्ट्रीय राजमार्ग, लगातार सामने आ रहे सडक हादसे, फिर भी गहरी नींद में NHAI अधिकारी

हमज़ा राव।

हरिद्वार। जनपद की सड़कों से आए दिन भीषण हादसे सामने आ रहे है। हादसों में कोई मां अपने बेटा-बेटी को तो कोई अपने रिश्तेदारों और परिवार के लोगों को खो रहा है। लगातार हादसों की बढ़ती संख्या के बाद भी एनएचएआई व जिला प्रशासन नींद से नहीं जाग रहा है। हरिद्वार से लेकर मंगलौर-नारसन तक कई जगह हाइवे पर शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। हाइवे पर टोल टैक्स तो वसूला जा रहा है लेकिन स्ट्रीट लाइट्स नहीं है। तो कही स्ट्रीट लाइट्स ख़राब पड़ी है। जिस कारण कोई न कोई अँधेरे के चलते हादसे का शिकार हो रहा है। अंधेर पड़े हाइवे मौत को दावत दे रहे है। हाइवे ही नहीं जनपद की अन्य कई सड़कों का भी यही हाल है। लेकिन जिला प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।

गौरतलब है कि जनपद में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं जिला प्रशासन व परिवहन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन रही है। जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों से पिछले एक माह से लगातार हादसों की खबरें सामने आ रही है। लेकिन हादसों को रोकने में जिला प्रशासन व परिवहन विभाग नाकाम साबित हो रहा है। हाइवे पर बढ़ते हादसों का एक कारण एनएचएआई की लापरवाही भी है। हरिद्वार से लेकर नारसन तक जगह-जगह हाइवे पर स्ट्रीट लाइट्स नहीं है तो कही ख़राब पड़ी है। जिस कारण हाइवे पर लगातार हादसे सामने आ रहे है। शाम होते ही हाइवे पर घना अंधेरा छा जाता है। ऐसे में सडक की स्थिति का पता नहीं चल पाता है। कई बार जानवर भी सडक पर आ जाते है। जो अँधेरे के कारण नहीं दिख पाते है और हादसे का शिकार हो जाते है।

ताज़ी घटनाओं का जिक्र करें तो शनिवार को बहादराबाद बाईपास पर एक युवक को अज्ञात वाहन टक्कर मार कर फरार हो गया और युवक का शव हाइवे पर पड़ा रहा। अंधेरा होने के कारण पीछे से आ रहे कार स्वार को युवक की बॉडी देर से दिखी और बड़ी मुश्किल से चालक ने कार को कंट्रोल किया नहीं तो उसके साथ भी बड़ा हादसा हो सकता था। इसके बाद रविवार को हरिद्वार-बहादराबाद हाइवे पर एक अज्ञात कार ने थ्री व्हीलर को टक्कर मार दी। जिसमे एक ही परिवार के करीब आधा दर्जन व्यक्ति सवार थे। इस हादसे में भी कुछ घायल हो गए। केवल यही घटनाएं ही नहीं पूर्व में भी ऐसी कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी है। लेकिन अंधेर पड़े हाइवे पर लगातार घट रही सडक दुर्घटनाओं के बाद भी एनएचएआई की नींद नहीं खुल रही है और न ही परिवहन विभाग व जिला प्रशासन का इस समस्या की ओर ध्यान है। पिछले काफ़ी समय से स्थानीय लोग भी हाइवे पर स्ट्रीट लाइट्स न होने की शिकायत कर रहे है। लेकिन हालत ज्यों के त्यों है।

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