हरिद्वार। रानीपुर कोतवाली पुलिस ने शिवलोक कॉलोनी में ज्वेलर्स से हुई लूट की सनसनीखेज वारदात का महज चार दिन में खुलासा करते हुए तीन शातिर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे और निशानदेही पर लूटे गए चांदी के सिक्के, सफेद धातु की गाय की मूर्ति, पेंडल, एप्पल आईफोन, दस्तावेज, बैग और वारदात में इस्तेमाल की गई कैंची व स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपितों ने ज्वेलर्स की कई दिनों तक रेकी की थी और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दिया।
एसएसपी नवनीत सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीते 21 अगस्त की रात शिवलोक कॉलोनी फेज-3 निवासी प्रदीप कुमार शर्मा के साथ तीन बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपित स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से उनका पीछा करते हुए शिवलोक कॉलोनी तक पहुंचे और मौका पाकर कैंची से उनके बैग का पट्टा काट दिया। पीड़ित ने विरोध किया तो बदमाशों ने उसके साथ छीना-झपटी की और कैंची से हमला करने की धमकी देते हुए बैग लेकर फरार हो गए। बैग में करीब 100 ग्राम चांदी के आभूषण, एप्पल आईफोन, दुकान की चाबियां, बीएचईएल मेडिकल कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए रानीपुर पुलिस को मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के आदेश दिए गए।

इसी क्रम में सीओ सदर सुरेंद्र प्रसाद बलूनी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में लगे डिजिटल साक्ष्यों को खंगालने के साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। सीआईयू हरिद्वार की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों की पड़ताल की गई।
बीएचईएल के मटेरियल गेट के पास दबोचे

रानीपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोहर भंडारी के नेतृत्व में 25 अगस्त को पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्धों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान मटेरियल गेट, बीएचईएल के पास पुलिस ने एक संदिग्ध स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को रोककर उसमें सवार तीन युवकों को दबोच लिया। पूछताछ में उनकी पहचान रितिक उर्फ टोपो निवासी खंजरपुर, मोदीनगर गाजियाबाद, सौरभ निवासी टांडा साहूवाला, बिजनौर और राजीव सैनी उर्फ सागर निवासी चांदपुर, पथरी हरिद्वार के रूप में हुई।
कांवड़ मेले के दौरान की थी ज्वेलर्स की रेकी
पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि कांवड़ मेले के दौरान उन्होंने बैरागी कैंप में दुकान लगाई थी। इसी दौरान कनखल क्षेत्र में आने-जाने के दौरान उनकी नजर एक ज्वेलर्स पर पड़ी। आरोपितों ने ज्वेलर्स की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। उन्हें पता चला कि ज्वेलर्स उम्रदराज है और रोजाना दुकान से सामान लेकर आता-जाता है। आरोपितों ने 11 अगस्त को भी ज्वेलर्स का पीछा किया, लेकिन उस दिन वारदात को अंजाम देने में सफल नहीं हो सके। इसके बाद 21 अगस्त को तीनों ने दोबारा उसका पीछा किया और शिवलोक कॉलोनी पहुंचने पर सुनसान मौका देखकर कैंची से बैग का पट्टा काटकर बैग लूट लिया।

लूट का माल कमरे में छिपाकर रखा
वारदात के बाद तीनों आरोपित लूटा गया सामान लेकर राजा गार्डन, जगजीतपुर स्थित रितिक उर्फ टोपो के कमरे में पहुंचे। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर कमरे में दबिश देकर लूट का अधिकांश सामान बरामद कर लिया।
यह सामान हुआ बरामद
सीओ सदर सुरेंद्र प्रसाद बलूनी ने बताया कि आरोपितों के कब्जे से पांच सफेद धातु के सिक्के, सफेद धातु की गाय की मूर्ति, एक सफेद धातु का पेंडल, एप्पल मोबाइल फोन, पीड़ित के आधार कार्ड की छायाप्रति, बीएचईएल मेडिकल हेल्थ कार्ड/बुकलेट व अन्य दस्तावेज, नीले रंग का बैग, वारदात में प्रयुक्त कैंची और स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। वहीं आपराधिक षड्यंत्र के संबंध में धारा 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई है।
आपराधिक इतिहास
प्रभारी निरीक्षक रानीपुर मनोहर भंडारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित रितिक उर्फ टोपो के खिलाफ पूर्व में शस्त्र अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सौरभ और राजीव सैनी उर्फ सागर के खिलाफ इस मामले के अतिरिक्त कोई अन्य आपराधिक इतिहास फिलहाल प्रकाश में नहीं आया है। तीनों आरोपितों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
पुलिस टीम को मिली सफलता
वारदात के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक मनोहर भंडारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नंद किशोर ग्वाड़ी, उपनिरीक्षक मंदीप सिंह, अपर उपनिरीक्षक सुबोध घड़ियाल, हेड कांस्टेबल जितेंद्र चौधरी, हेड कांस्टेबल बिमल सिंह, कांस्टेबल विवेक गुसाईं, प्रेम सिंह, उदय नेगी और कांस्टेबल चालक नीलय यादव शामिल रहे। सीआईयू टीम में निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट और कांस्टेबल वसीम ने सहयोग किया।
