हरिद्वार। ठंड शुरू होते ही जहां एक ओर कामों में मंदा देखने को मिला है तो वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों का कमाई का सीजन स्टार्ट हो चूका है। मार्च से पहले विभाग के कंधो पर टारगेट को पूरा करने का जोर रहता है। लेकिन टारगेट को पूरा करने में कुछ कर्मचारी बाधा बन बैठे है। इसका एक कारण कर्मचारियों को रिश्वतखोरी की लत लगना है। विभाग के अधिकारी बकाया उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने को टीम के साथ जाते है लेकिन वहां कुछ कर्मचारी ले-देकर मामला रफा-दफा कर देते है। या फिर अधिकारियों के जाने के कुछ समय बाद रिश्वत लेकर कनेक्शन वापिस जोड़ देते है। जिस कारण टारगेट पूरा नहीं हो पा रहा है। यहीं नहीं इन रिश्वतखोर कर्मचारियों का आतंक इतना है कि यदि किसी उपभोक्ता पर मात्र दस हज़ार भी बकाया हो तो उसको भी नहीं छोड़ रहे। अवैध रूप से पैसे वसूलने के चलते उनके भी कनेक्शन काट देते है और फिर शाम होते ही रिश्वत लेकर कनेक्शन वापस जोड़ दिया जाता है।
ज्वालापुर के उपखंड- ll में चल रहा खेल…

ज्वालापुर का यह उपखंड भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी व अन्य कई मोर्चो को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहा है। कभी कर्मचारी बिना जेई-एसडीओ के बिजली चोरी पकड़ने को लोगों के घरों में पहुंच जाते है और बाद में मोटी रकम लेकर सेटलमेंट कर लेते हैं तो कभी बिल जमा करने के नाम पर उपभोक्ताओं के लाखों रुपए डकार जाते है। अब बकायादारों के खिलाफ वसूली अभियान शुरू होने से उनके खूब मज़े आ रहे है। एक भ्रष्ट जेई व उसके चेलों ने क्षेत्र में आतंक मचाया हुआ है। जेई साहब चेलों के साथ जाकर पहले कनेक्शन काटते है। फिर चेले शाम को पैसे लेकर वही कनेक्शन जोड़ देते है। कई बार बात पैसों से नहीं बनती तो गला तर करने की व्यवस्था से काम चल जाता है। हाल ही में चेलों द्वारा स्वयं कुछ घरों में बिजली चोरी पकड़ी और बाद में मोटी रकम लेकर सेटलमेंट कर लिया। जिसके बाद से मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। शहरवासी जेई और उसके चेलों के आतंक से तंग आ चुके है। उन्होंने तेजतर्रार व ईमानदार कार्यशैली को लेकर पहचाने जाने वाले एक्सईएन रवि कुमार से कार्रवाई की मांग की है।
नोट: अगली स्टोरी में फर्स्ट व सेकंड सब डिवीजन में पांव पसार रहे दलालो के कारनामो का पर्दाफाश किया जाएगा।
