हरिद्वार में एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासन सख्त, कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर होगी कड़ी कार्रवाई

हरिद्वार। जनपद में एलपीजी गैस सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आपदा कंट्रोल रूम में संबंधित अधिकारियों तथा गैस एजेंसियों के विक्रय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में गैस सिलेंडरों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं की शिकायतों की समीक्षा की गई।

जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जनपद में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। सभी गैस एजेंसियों में उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अधिकांश उपभोक्ता ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से गैस सिलेंडर की बुकिंग कर रहे हैं और बुकिंग के आधार पर ही सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि गैस एजेंसियों पर लगने वाली कतारों का मुख्य कारण कई उपभोक्ताओं द्वारा केवाईसी न कराया जाना है, जिसके कारण उनकी गैस बुकिंग नहीं हो पा रही है। इस समस्या के समाधान के लिए एजेंसियों को केवाईसी प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में एलपीजी गैस की आपूर्ति पारदर्शी और नियमित तरीके से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के आधार पर ही गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी की जाए, ताकि लोगों को गैस एजेंसियों पर अनावश्यक रूप से लाइन में न लगना पड़े। साथ ही लंबित बैकलॉग को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि एलपीजी गैस सिलेंडरों का किसी भी प्रकार का अवैध भंडारण, कालाबाजारी या अवैध रिफिलिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई एजेंसी या व्यक्ति इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गैस एजेंसियों को निर्देशित किया कि जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी लंबित है उनके लिए अलग काउंटर खोले जाएं और उन्हें ऑनलाइन केवाईसी के लिए भी प्रेरित किया जाए। इसके साथ ही अस्पतालों, आश्रमों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों और नोडल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर निरीक्षण कर कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अवैध रिफिलिंग पर कड़ी निगरानी रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर छापेमारी की कार्रवाई भी की जाए। इसके अलावा जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में प्राप्त हो रही शिकायतों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का तत्परता से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और शिकायतकर्ताओं से भी संपर्क कर समस्या के समाधान की जानकारी दी जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, पुलिस अधीक्षक क्राइम निशा यादव, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, डीएनओ मयंक कुमार सहित गैस एजेंसियों के विक्रय अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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