हरिद्वार। ज्वालापुर से सटे ग्राम सराय में विकास के दावे पूरी तरह फेल नजर आ रहे हैं। बिलाल मस्जिद के सामने स्थित गली पिछले चार साल से बदहाली की मार झेल रही है, लेकिन जिम्मेदारों की नींद अब तक नहीं टूटी। 2022 में सड़क, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, मगर हकीकत यह है कि आज तक एक ईंट भी नहीं लगाई गई।
करीब 20 परिवारों की जिंदगी इस उपेक्षा की कीमत चुका रही है। हल्की सी बारिश में ही गली तालाब में तब्दील हो जाती है। कीचड़ और गंदगी से रास्ता इस कदर भर जाता है कि लोगों का निकलना तक दूभर हो जाता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए तो यह रास्ता किसी मुसीबत से कम नहीं। स्थानीय निवासी फरमान, इनाम, अशरफ, अकरम, वसीम अंसारी, अहसान, फैजान और मेहरबान का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला, काम नहीं। गली में न स्ट्रीट लाइट है, न सफाई—अंधेरा और गंदगी मिलकर बीमारियों को न्योता दे रहे हैं। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से हालात हर साल और बदतर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन हर बार टालमटोल ही मिला। अब कार्यकाल खत्म होने को है, फिर भी गली की सूरत नहीं बदली।


