देहरादून। राजधानी में संचालित एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से हड़कंप मच गया। मामला रायपुर थाना क्षेत्र के एक निजी डि-एडिक्शन सेंटर से जुड़ा है, जहां उपचार के दौरान युवक की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, 23 अप्रैल की देर रात कोरोनेशन जिला अस्पताल से एक व्यक्ति के मृत अवस्था में लाए जाने की सूचना मिली थी। जांच में मृतक की पहचान परविंदर सिंह (38) निवासी दुर्गा नगर, नसीरपुर, अंबाला (हरियाणा) के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि उसे कुछ दिन पूर्व ही उसके परिजनों द्वारा नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था।
घटना की रात अचानक उसकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद केंद्र के कर्मचारी उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार से पहले ही उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने परिजनों को सूचना देने के साथ ही उनकी मौजूदगी में पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली, स्टाफ की भूमिका और उपचार प्रक्रिया की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच में जुटी हुई है।
