हरिद्वार। हाथी पुल क्षेत्र में गंगा नदी के तेज बहाव में फंसे दो युवकों को एसडीआरएफ टीम ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सकुशल रेस्क्यू कर लिया। समय रहते की गई कार्रवाई से दोनों युवकों की जान बच गई।

शनिवार को स्नान के दौरान देहरादून निवासी शत्रुघ्न अचानक गंगा के तेज बहाव में बहने लगा और हाथी पुल के नीचे लगी जंजीरों में फंस गया। मौके पर तैनात एसडीआरएफ टीम ने बिना देरी किए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। तेज धारा और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू अभियान के दौरान एक अन्य युवक भी डूबने लगा, जिसे एसडीआरएफ टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बचा लिया। एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। अभियान का नेतृत्व टीम कमांडर आशीष त्यागी ने किया। सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंगा नदी में केवल चिन्हित और सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें तथा तेज बहाव के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
डूब रहे व्यक्ति को एनडीआरएफ ने निकाला, अस्पताल में मौत
हरिद्वार। सप्तऋषि घाट क्षेत्र में रविवार शाम गंगा में डूब रहे एक व्यक्ति को एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, घटना करीब 4:20 बजे श्री गणपति सच्चिदानंद आश्रम और श्री भद्रकाली पीठम के पास हुई। गंगा ड्यूटी पर तैनात एनडीआरएफ की 15वीं वाहिनी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए व्यक्ति को नदी से बाहर निकाला और मौके पर CPR भी दिया। करीब 55 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति को गंभीर हालत में मेला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर तिरेपन सिंह ने किया। इस दौरान एनडीआरएफ टीम में नौ सदस्य शामिल रहे।
