सिडकुल श्रमिक विवाद: एसओ अजय शाह की सूझबूझ और संतुलित कार्यशैली से शांत हुआ माहौल, वेतन वृद्धि और सुविधाओं को लेकर कर्मचारियों ने खोला था मोर्चा

हरिद्वार। सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में दो अलग-अलग फैक्ट्रियों के कर्मचारियों के आंदोलन के चलते बीते दो दिनों में तनावपूर्ण स्थिति बन गई, लेकिन सिडकुल थानाध्यक्ष अजय शाह की सूझबूझ, संयमित कार्यशैली और त्वरित हस्तक्षेप से संभावित बड़ा विवाद समय रहते टल गया। पुलिस की सक्रिय भूमिका और सकारात्मक संवाद के चलते दोनों मामलों का शांतिपूर्ण समाधान कराया गया, जिसकी क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।

शनिवार को हेमिल्टन कंपनी के कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि, कार्य परिस्थितियों में सुधार और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर कंपनी परिसर के बाहर धरना शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए, जिससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया और आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी। कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। धरने की सूचना मिलते ही सिडकुल थानाध्यक्ष अजय शाह तत्काल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बेहद शांत और संतुलित तरीके से कर्मचारियों तथा कंपनी प्रबंधन से बातचीत शुरू की। एसओ अजय शाह ने किसी प्रकार का दबाव बनाने के बजाय संवाद और विश्वास की रणनीति अपनाई, जिससे माहौल धीरे-धीरे सामान्य होने लगा।

इसके बाद उनकी पहल पर श्रम विभाग, कंपनी प्रबंधन और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच वार्ता कराई गई। काफी देर चली बातचीत के दौरान कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। पुलिस और श्रम विभाग की मौजूदगी में कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल और आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया। आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने शांतिपूर्वक धरना समाप्त कर दिया।

फ़ाइल फोटो: एसओ सिडकुल अजय शाह।

इससे पहले गुरुवार को भी सिडकुल की एक अन्य फैक्ट्री में कर्मचारियों के आंदोलन के चलते तनावपूर्ण हालात पैदा हो गए थे। उस दौरान भी एसओ अजय शाह ने मौके पर पहुंचकर अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता और संवाद कौशल का परिचय दिया था। उन्होंने कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया। श्रमिक आंदोलनों के बीच एसओ अजय शाह की कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है। बिना बल प्रयोग के सिर्फ संवाद, धैर्य और समझदारी से हालात संभालने की उनकी क्षमता की स्थानीय लोगों, कर्मचारियों और उद्योग प्रबंधन ने भी खुलकर सराहना की।

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