देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिला है। राजधानी दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम को आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस का बड़ा “मास्टरस्ट्रोक” माना जा रहा है, जिसने प्रदेश की सियासी हवा बदलने के संकेत दे दिए हैं।

कार्यक्रम में उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा, सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और करन माहरा समेत कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने इस सदस्यता अभियान को महज औपचारिकता नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया।

कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं में पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, राजकुमार ठुकराल और नारायण पाल जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो पहले भाजपा से जुड़े रहे हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार रखते हैं। इसके अलावा नैनीताल से लाखन सिंह, रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल और मसूरी के पूर्व चेयरमैन अनुज गुप्ता की एंट्री ने स्थानीय स्तर पर सियासी समीकरणों को झकझोर कर रख दिया है।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो भाजपा के कद्दावर और जमीनी नेताओं का इस तरह कांग्रेस में जाना सीधे तौर पर सत्ता पक्ष के लिए बड़ा झटका है।

