शिवभक्तों की सेवा में अनोखी मिसाल, 22 साल से डॉ. नवीन करा रहे 24 घंटे भंडारा

भगवानपुर। कांवड़ यात्रा सिर्फ आस्था और गंगाजल से जुड़ी यात्रा नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण की मिसाल भी है। भगवानपुर निवासी डॉ. नवीन सैनी पिछले 22 वर्षों से कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा में जुटे हैं। हर वर्ष वह कांवड़ मार्ग पर भंडारे का आयोजन करते हैं, जहां 24 घंटे शिवभक्तों के लिए लंगर चलता है। जलाभिषेक तक हजारों कांवड़ यात्री यहां प्रसाद ग्रहण करने के साथ कुछ देर विश्राम कर अपनी यात्रा आगे बढ़ाते हैं।

इस बार भी डॉ. नवीन सैनी ने शिवभक्तों की सुविधा के लिए अपने अस्पताल के दरवाजे खोल दिए हैं। उन्होंने अस्पताल का अधिकांश हिस्सा कांवड़ियों के लिए भोजन और विश्राम स्थल के रूप में उपलब्ध कराया है, ताकि लंबी यात्रा से थके शिवभक्तों को रात-दिन भोजन, आराम और जरूरी सुविधाएं मिल सकें। अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी उन्होंने अपने घर पर शिफ्ट कर दिया है। घर पर ही उनकी देखरेख और उपचार किया जा रहा है, जबकि अस्पताल का स्थान कांवड़ियों की सेवा के लिए इस्तेमाल हो रहा है।

डॉ. नवीन सैनी खुद भी भंडारे की व्यवस्थाओं में सक्रिय रहते हैं और शिवभक्तों की सेवा को अपनी आस्था का हिस्सा मानते हैं। उनका कहना है कि कांवड़ियों की सेवा करना उनके लिए केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भगवान शिव की सेवा के समान है। इसी भावना के चलते वह पिछले दो दशक से अधिक समय से लगातार भंडारे का आयोजन कर रहे हैं। किसान परिवार से आने वाले डॉ. नवीन सैनी को आयुर्वेद के क्षेत्र में विशेष अनुभव है। उनके पिता भी अपने समय के प्रसिद्ध वैद्य रहे हैं। परिवार की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए डॉ. सैनी आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनकी दोनों बेटियां भी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं।

डॉ. नवीन सैनी स्वयं देश के कई प्रमुख धार्मिक धामों के दर्शन कर चुके हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा और धार्मिक यात्राओं से उनका जुड़ाव उनकी शिवभक्ति को दर्शाता है। उनके भंडारे में हर साल बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री भोजन और प्रसाद ग्रहण कर आगे की यात्रा के लिए रवाना होते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!