हरिद्वार। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव वरुण बालियान के नेतृत्व में सहायक श्रम आयुक्त के माध्यम से श्रम आयुक्त, उत्तराखंड सरकार को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन ₹13,800 निर्धारित किए जाने का विरोध करते हुए इसे श्रमिकों के साथ अन्याय बताया गया।
इस मौक़े पर वरुण बालियान ने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में एलपीजी गैस, पेट्रोल, स्कूल फीस, दवाइयों और राशन के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में ₹13,800 का न्यूनतम वेतन तय करना श्रमिकों के साथ “भद्दा मजाक” है। उन्होंने मांग की कि न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर ₹20,000 किया जाए, जबकि अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए ₹25,000 और कुशल श्रमिकों के लिए ₹30,000 मासिक वेतन निर्धारित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर निर्णय नहीं लिया, तो हरिद्वार में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। पूर्व पार्षद इसरार सलमानी और पूर्व नगर अध्यक्ष अंकित चौहान ने कहा कि सिडकुल स्थापना के बाद 70% स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का वादा अब तक पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग उठाई। वहीं वरिष्ठ कोंग्रेसी नेता इरफान अंसारी और शाहबुद्दीन अंसारी ने आरोप लगाया कि सिडकुल की कंपनियों में श्रमिकों का लगातार उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने मांग की कि सभी कंपनियों में पंजीकृत ट्रेड यूनियनों को मान्यता दी जाए, ताकि श्रमिकों की समस्याओं का समाधान प्रबंधन के साथ समन्वय बनाकर किया जा सके। इस दौरान ज्ञापन देने वालों में पूर्व पार्षद रियाज़ अंसारी (मन्नू), चंद्रेश कुमार, संजय कुमार, अंकुर वर्मा, सुमित पांडे, इम्मी, मोहित चौधरी, बुला चौधरी, अयान, अक्षय नागपाल, कुंवर सिंह बिष्ट, अज्जू, शौकत, जावेद, मोहित, विशाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
