वक्फ कब्रिस्तान कमेटी अध्यक्ष को बदनाम करने की साजिश बेनकाब, लिखित दस्तावेज़ बने सच्चाई की गवाही

हरिद्वार। ज्वालापुर क्षेत्र में वक्फ कब्रिस्तान कमेटी के अध्यक्ष को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश का खुलासा हुआ है। वक्फ कब्रिस्तान कमेटी के सचिव वाजिद अली द्वारा उपलब्ध कराए गए लिखित और प्रमाणित दस्तावेज़ों के आधार पर यह पूरा मामला सामने आया है।

दस्तावेज़ों में वक्फ कब्रिस्तान में हुए दफन से संबंधित प्रमाण-पत्र, रजिस्टर की एंट्री, मृतक का नाम, उम्र, पता, तिथि तथा रजिस्टर में एंट्री करने वाले (साजिद जो SDM को अध्यक्ष की शिकायत कर रहा है) के हस्ताक्षर व अंगूठा निशान साफ़ तौर पर दर्ज हैं। इन प्रमाणों में स्पष्ट रूप से यह भी लिखा है कि संबंधित दफन प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क कराई गई और न तो किसी प्रकार का शुल्क मांगा गया और न ही लिया गया।

कमेटी सचिव वाजिद अली ने बताया कि कुछ लोग जानबूझकर एक सोची समझी साजिश के तहत झूठी शिकायत कर रहे हैं ताकि वक्फ कब्रिस्तान कमेटी के अध्यक्ष की छवि को धूमिल किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में सक्रिय एक षड्यंत्रकारी गिरोह प्रभावशाली और पैसे वाले लोगों को डराने-धमकाने व ब्लैकमेल कर अवैध रूप से धन वसूली करता रहा है।

पहले भी हो चुकी है नाकाम साजिश

कमेटी के अनुसार यही कथित गिरोह कुछ समय पहले ज्वालापुर के मोहल्ला पावधोई स्थित मदरसे के मुतवल्ली मौलाना आरिफ के खिलाफ भी साजिश रच चुका है। उस दौरान भी झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने की कोशिश की गई थी, लेकिन समय रहते सच्चाई सामने आने पर यह साजिश पूरी तरह नाकाम हो गई थी। अब एक बार फिर उसी तरीके से वक्फ कब्रिस्तान कमेटी को निशाना बनाते हुए अध्यक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं, जानकारी में आया है कि इस साजिश के संबंध में कब्रिस्तान कमेटी के अध्यक्ष ने लगभग एक डेढ़ महीने पूर्व सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में पहले ही अंदेशा जता दिया था। कमेटी ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए और जो भी लोग झूठे आरोप, फर्जी प्रचार और ब्लैकमेलिंग के ज़रिए धार्मिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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