हरिद्वार। जनपद में होटल और धर्मशालाओं में सामने आ रही एलपीजी गैस की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने अब पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन को बढ़ावा देने की पहल शुरू कर दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान की अध्यक्षता में होटल एसोसिएशन और धर्मशाला प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में नगर मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान ने सभी होटल संचालकों और धर्मशाला पदाधिकारियों से अपील की कि वे एलपीजी पर निर्भरता कम करते हुए जल्द से जल्द पीएनजी गैस कनेक्शन के लिए आवेदन करें। उन्होंने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए समय रहते गैस आपूर्ति की व्यवस्था मजबूत करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने एसोसिएशन पदाधिकारियों से यह भी अपेक्षा की कि वे आपसी समन्वय बनाकर पीएनजी कनेक्शन के प्रति व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक व्यवसायिक प्रतिष्ठान इस सुविधा से जुड़ सकें। नगर मजिस्ट्रेट ने पीएनजी गैस प्रबंधन को निर्देश दिए कि जिन होटल, धर्मशालाओं और अन्य प्रतिष्ठानों द्वारा आवेदन किया जाए, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही इंडियन ऑयल और बीपीसीएल गैस एजेंसियों को निर्देशित किया गया कि वे व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार एलपीजी गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करें। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अधिकारी मयंक कुमार ने बताया कि वर्तमान में गैस एजेंसियों में एलपीजी की कोई कमी नहीं है।

उन्होंने कहा कि होटल और धर्मशालाओं को अपनी गैस आवश्यकता और संबंधित एजेंसी का विवरण उपलब्ध कराना होगा, जिसके आधार पर उन्हें नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल, बीपीसीएल के अश्वनी कुमार, पीएनजी प्रबंधक प्रांशु वालियान, धर्मशाला समिति के महेश गौड़, बजट होटल एसोसिएशन के कुलदीप शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी और पदाधिकारी मौजूद रहे।

