हरिद्वार। स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद ऊर्जा विभाग के लिए लगातार चुनौती बनती जा रही है। शहर में विभिन्न स्थानों पर विरोध झेलने के बाद बुधवार को ज्वालापुर स्थित कृषि उत्पादन मंडी क्षेत्र में भी विभागीय टीम को व्यापारियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति ऐसी बनी कि अधिकारियों को बिना स्मार्ट मीटर लगाए ही वापस लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, सराय रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी में एसडीओ (प्रथम) शिल्पी सैनी के नेतृत्व में जेई अक्षय चौहान सहित ऊर्जा विभाग की टीम स्मार्ट मीटर स्थापित करने पहुंची थी। टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही मंडी के आढ़ती और व्यापारी एकजुट होकर मौके पर पहुंच गए और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया का विरोध शुरू कर दिया। व्यापारियों का कहना था कि स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच कई तरह की आशंकाएं बनी हुई हैं। उनका आरोप था कि विभाग बिना पर्याप्त जानकारी और सहमति के मीटर बदलने का प्रयास कर रहा है। विरोध के दौरान व्यापारियों और विभागीय अधिकारियों के बीच काफी देर तक बहस होती रही।
इस बीच कांग्रेस नेता वरुण बालियान भी मौके पर पहुंच गए और विभागीय अधिकारियों से स्मार्ट मीटर योजना को लेकर सवाल-जवाब किए। उन्होंने व्यापारियों की आपत्तियों का समर्थन करते हुए विभाग से पहले लोगों की शंकाओं का समाधान करने की मांग की। मौके पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। विरोध बढ़ता देख ऊर्जा विभाग की टीम ने फिलहाल स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई रोक दी और बिना कार्य पूरा किए वापस लौट गई। मंडी क्षेत्र में हुए इस घटनाक्रम ने एक बार फिर स्मार्ट मीटर परियोजना को लेकर उपभोक्ताओं के असंतोष को उजागर कर दिया है। हरिद्वार में स्मार्ट मीटर स्थापना को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार विरोध के स्वर उठ रहे हैं। कई क्षेत्रों में उपभोक्ता और व्यापारी संगठन खुलकर इसके खिलाफ सामने आ चुके हैं, जिससे विभाग के लिए योजना को धरातल पर उतारना आसान नहीं दिख रहा।
